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<title>MBI 24 News Hindi &#45; : हेल्थ</title>
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<description>MBI 24 News Hindi &#45; : हेल्थ</description>
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<dc:rights>© 2026 MBI 24 News Hindi &#45; All Rights Reserved.</dc:rights>

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<title>डायलिसिस एक्सेस: भारत में CKD मरीजों के लिए Vascular Surgeon की बढ़ती आवश्यकता</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली : भारत में Chronic Kidney Disease (CKD) और End-Stage Kidney Disease (ESKD) के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हर वर्ष हजारों नए मरीजों को हीमोडायलिसिस की आवश्यकता पड़ती है। डायलिसिस की सुविधाएँ बढ़ रही हैं, लेकिन एक महत्वपूर्ण चुनौती आज भी बनी हुई है—समय पर सुरक्षित और टिकाऊ vascular access की उपलब्धता तथा प्रशिक्षित Vascular Surgeons की कमी।Indian Journal of Vascular and Endovascular Surgery में प्रकाशित &quot;Arteriovenous Access: The Unsung Hero of Vascular Surgery – An Indian Perspective&quot; में भी इस बात पर बल दिया गया है कि भारत में dialysis access की सबसे बड़ी चुनौतियों में समय पर विशेषज्ञ तक पहुँच और vascular access सेवाओं का सीमित प्रसार शामिल है।वास्तविक समस्या यह है कि अधिकांश मरीज Vascular Surgeon के पास तब पहुँचते हैं जब डायलिसिस पहले ही शुरू हो चुकी होती है। कई मरीज महीनों तक temporary catheter के सहारे डायलिसिस करवाते रहते हैं, कुछ की नसें बार-बार catheter के कारण खराब हो जाती हैं और कई मरीज पहली AV Fistula के फेल होने के बाद ही विशेषज्ञ तक पहुँचते हैं। यदि CKD के उन्नत चरण (Stage 4–5) में ही referral हो जाए, तो समय रहते उपयुक्त vascular access की योजना बनाई जा सकती है।Hemodialysis के लिए सबसे विश्वसनीय access Arteriovenous Fistula (AVF) माना जाता है। जब अपनी नसें उपयुक्त न हों, तब AV Graft उपयोगी विकल्प हो सकता है। तत्काल डायलिसिस की आवश्यकता होने पर Permcath लगाया जाता है, जबकि temporary catheter केवल आपातकालीन परिस्थितियों के लिए होना चाहिए।Vascular Surgeon की भूमिका केवल AV Fistula बनाना नहीं है। वे मरीज की नसों का मूल्यांकन कर सबसे उपयुक्त access की योजना बनाते हैं, AV Fistula एवं AV Graft तैयार करते हैं, आवश्यकता होने पर Permcath स्थापित करते हैं तथा access से जुड़ी जटिलताओं का उपचार करते हैं। Fistula में stenosis होने पर fistula angioplasty तथा thrombosed या dysfunctional fistula में open surgical salvage द्वारा अनेक access को दोबारा कार्यशील बनाया जा सकता है, जिससे कई बार नई fistula बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।समय पर Vascular Surgeon के पास पहुँचने से catheter dependence कम होती है, संक्रमण का जोखिम घटता है, central venous complications से बचाव होता है और मरीज को अधिक सुरक्षित एवं टिकाऊ dialysis access मिल पाता है।भारत में Dialysis Care को मजबूत बनाने के लिए केवल डायलिसिस केंद्रों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। उतनी ही आवश्यकता है कि CKD मरीजों का समय पर Vascular Surgeon के पास referral हो, vascular access के प्रति जागरूकता बढ़े और इस क्षेत्र में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की उपलब्धता बढ़ाई जाए। यही भविष्य में बेहतर dialysis outcomes की आधारशिला होगी।Disclaimer: यह article केवल general information के लिए है और medical advice, diagnosis या treatment का substitute नहीं है। किसी भी medical decision के लिए Vascular Surgeon, से consultation जरूर लें। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 14:39:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>डायलिसिस, एक्सेस:, भारत, में, CKD, मरीजों, के, लिए, Vascular, Surgeon, की, बढ़ती, आवश्यकता</media:keywords>
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<title>निवारक चिकित्सा को बढ़ावा देने में अग्रणी बना जोगी आयुर्वेद, गुजरात में विस्तार की तैयारी</title>
<link>https://www.mbi24news.com/hindi/jogi-ayurveda-a-pioneer-in-promoting-preventive-medicine-prepares-for-expansion-in-gujarat</link>
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<description><![CDATA[ सूरत : कोरोना महामारी के बाद निवारक चिकित्सा यानी बीमारी से बचाव और स्वास्थ्य संरक्षण का विषय लोगों के बीच तेजी से महत्वपूर्ण हुआ है। ऐसे दौर में सूरत स्थित जोगी आयुर्वेद अस्पताल प्राचीन आयुर्वेदिक सिद्धांतों को आधुनिक चिकित्सकीय पद्धतियों और मरीजों के लिए व्यक्तिगत उपचार के साथ जोड़कर आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने वाले प्रमुख संस्थानों में अपनी पहचान बना रहा है।अनुभवी आयुप्रेन्योर श्री निलेश जोगल द्वारा स्थापित जोगी आयुर्वेद पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सक्रिय है। संस्था का मानना है कि बीमारी का उपचार करना जितना जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य को बनाए रखना भी है। वर्तमान में सूरत में जोगी आयुर्वेद के दो केंद्र संचालित हो रहे हैं। संस्था की ओर से गुजरात का सबसे बड़ा आयुर्वेद अस्पताल स्थापित करने की भी योजना है।कोरोना महामारी ने लोगों की स्वास्थ्य के प्रति सोच में बड़ा बदलाव किया है। अब लोग केवल बीमारियों के इलाज तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि बीमारी से बचाव और स्वास्थ्य संरक्षण को भी पहले की तुलना में अधिक महत्व देने लगे हैं। न्यूट्रास्यूटिकल्स और हर्बल उपचारों की मांग में भी वृद्धि हुई है। चिकित्सकों का मानना है कि बेहतर स्वास्थ्य केवल दवाओं के माध्यम से ही कायम नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसके लिए जीवनशैली और खान-पान की आदतों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यही वजह है कि आयुर्वेद के प्रति लोगों की रुचि एक बार फिर बढ़ी है।पारंपरिक एक जैसी उपचार पद्धतियों के विपरीत आयुर्वेद व्यक्ति की प्रकृति यानी उसकी शारीरिक संरचना और स्वभाव को ध्यान में रखते हुए उपचार की सलाह देता है। इसमें व्यक्ति की प्रकृति और जरूरत के अनुसार आहार व्यवस्था, दिनचर्या तथा मौसम के अनुरूप ऋतुचर्या निर्धारित की जाती है। जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच आयुर्वेद की यह निवारक चिकित्सा पद्धति विशेष महत्व रखती है।जोगी आयुर्वेद के संस्थापक श्री निलेश जोगल ने कहा कि, &quot;आयुर्वेद के दो प्रमुख उद्देश्य हैं ‘स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम्’, अर्थात स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना और ‘आतुरस्य विकार प्रशमनम्’, यानी रोगी की बीमारी का उपचार करना। आयुर्वेद में निवारक स्वास्थ्य सेवा हमेशा से ही केंद्र में रही है। हमारा मानना है कि अपने स्वास्थ्य के लिए किया गया सबसे बेहतर निवेश स्वयं को स्वस्थ रखने की दिशा में किया गया निवेश है। जोगी आयुर्वेद निवारक स्वास्थ्य सेवा को लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बनाने के साथ-साथ गुजरात और भारत को अधिक स्वस्थ बनाने की दिशा में भी योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।”जोगी आयुर्वेद में उपचार की प्रक्रिया मरीज के परामर्श और उसकी प्रकृति के विश्लेषण से शुरू होती है। इसका उद्देश्य व्यक्ति के स्वास्थ्य और शरीर की स्थिति को पूरी तरह समझना होता है। इसके बाद मरीज की जरूरत के अनुसार उसके लिए व्यक्तिगत उपचार पद्धति तैयार की जाती है। उपचार के दौरान नियमित निगरानी और परामर्श भी दिया जाता है। इस तरह उपचार केवल बीमारी के लक्षणों को दूर करने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बीमारी के मूल कारणों को समझकर स्थायी और प्रभावी समाधान की दिशा में काम किया जाता है।नीलेश जोगल ने आगे कहा कि उपचार के साथ-साथ जोगी आयुर्वेद स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। संस्था की ओर से समय-समय पर विभिन्न व्याख्यान, शैक्षणिक सामग्री, समाचार लेख, ऑनलाइन स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और जागरूकता वीडियो के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाता है। इन प्रयासों के माध्यम से लाखों लोगों तक स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाई गई है। संस्था का दृढ़ विश्वास है कि लोगों को स्वास्थ्य से जुड़े विषयों के बारे में जागरूक और शिक्षित करना बेहतर स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।गौरतलब है कि व्यक्तिगत उपचार, मरीजों को स्वास्थ्य शिक्षा देने और निवारक चिकित्सा पर विशेष जोर के साथ जोगी आयुर्वेद भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक के रूप में आयुर्वेद को स्वीकार्यता दिलाने की दिशा में लगातार अपनी भूमिका निभा रहा है। संस्था का उद्देश्य निवारक स्वास्थ्य सेवा को लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बनाना और आयुर्वेद के माध्यम से गुजरात तथा भारत को अधिक स्वस्थ बनाने की दिशा में योगदान देना है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 30 Jul 2026 13:26:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>निवारक, चिकित्सा, को, बढ़ावा, देने, में, अग्रणी, बना, जोगी, आयुर्वेद, गुजरात, में, विस्तार, की, तैयारी</media:keywords>
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<title>Patient&#45;Centric Knee Replacement Care के साथ डॉ. मनु शर्मा ने वडोदरा में हासिल की नई उपलब्धि</title>
<link>https://www.mbi24news.com/hindi/patient-centricknee-replacement-care-with-dr-manu-sharma-achieves-new-milestone-in-vadodara</link>
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<description><![CDATA[ सूरत (गुजरात) [भारत],22 जुलाई: 15,000+ सफल Knee Replacement Procedures का अनुभव और Patient-Centric Treatment के साथ वडोदरा में आधुनिक Knee Replacement Care को मिल रही नई पहचानभारत में Knee Replacement Care तेजी से आधुनिक तकनीकों की ओर बढ़ रहा है। बेहतर Surgical Techniques, आधुनिक Implant Technology और Patient-Centric Treatment के कारण मरीजों को पहले की तुलना में अधिक सटीक उपचार और तेज़ Recovery का लाभ मिल रहा है।इसी बदलाव के बीच गुजरात के वरिष्ठ Knee Replacement Surgeon डॉ. मनु शर्मा ने वडोदरा में 150 सफल Knee Replacement Surgeries पूरी कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। खास बात यह है कि उन्होंने यह मुकाम बहुत कम समय में हासिल किया है, जो उनके प्रति मरीजों के बढ़ते विश्वास और आधुनिक Knee Replacement Treatment की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।दो दशकों से अधिक के अनुभव के साथ डॉ. मनु शर्मा अब तक 15,000 से अधिक सफल Joint Replacement Surgery कर चुके हैं। वे Knee और Hip Replacement के क्षेत्र में गुजरात के अग्रणी विशेषज्ञों में शामिल हैं। उनके पास केवल सूरत, अहमदाबाद और वडोदरा ही नहीं, बल्कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र तथा विदेशों से भी मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं।डॉ. मनु शर्मा का मानना है कि सफल Knee Replacement केवल आधुनिक Technology पर निर्भर नहीं करता, बल्कि सही Clinical Judgment और विस्तृत Knee Assessment भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। इसी कारण वे प्रत्येक मरीज की उम्र, Lifestyle, घुटने की Movement, हड्डी की मजबूती, Activity Level और Daily Activities को ध्यान में रखते हुए पूरी जांच करते हैं। इसी Assessment के आधार पर हर मरीज के लिए Personalized Treatment Plan तैयार किया जाता है, जिससे बेहतर Surgical Outcomes और तेज़ Recovery सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।डॉ. मनु शर्मा ने Joint Replacement Surgery में Advanced Fellowship Training प्राप्त की है और वे लगातार International Standards पर आधारित आधुनिक Surgical Techniques को अपने उपचार में शामिल करते रहे हैं। उनका उद्देश्य गुजरात के मरीजों को अपने ही राज्य में World-Class Knee Replacement Center and Facility उपलब्ध कराना है।Surgery के अलावा डॉ. मनु शर्मा लोगों में Joint Health के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भी सक्रिय हैं। वे Health Awareness Programs, Patient Seminars, Digital Campaigns और Media के माध्यम से लोगों को यह संदेश देते हैं कि घुटनों के दर्द को लंबे समय तक नजरअंदाज न करें। समय पर Treatment मरीज को दोबारा Active और Pain-Free जीवन जीने में मदद कर सकता है।इस उपलब्धि पर डॉ. मनु शर्मा ने कहा,&quot;हर सफल Knee Replacement Surgery केवल एक ऑपरेशन नहीं होती, बल्कि किसी व्यक्ति के जीवन में स्वतंत्रता, Mobility और आत्मविश्वास वापस लाने का माध्यम होती है। वडोदरा में इस महत्वपूर्ण उपलब्धि तक पहुंचना हमारे उस संकल्प को और मजबूत करता है, जिसके तहत हम विश्वस्तरीय Joint Replacement Care को अधिक सुलभ, सटीक और पूरी तरह Patient-Focused बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। Technology लगातार विकसित हो रही है, पर हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी ऐसे परिणाम देना है जो वास्तव में लोगों के जीवन को बेहतर बनाएं।&quot;वडोदरा में 150 सफल Knee Replacement Surgery का यह पड़ाव केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि गुजरात में डॉ. मनु शर्मा पर बढ़ते भरोसे और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता का भी प्रतीक है। 15,000 से अधिक सफल Surgeries और Patient-Centric दृष्टिकोण के साथ डॉ. मनु शर्मा लगातार उन Knee Replacement के मरीजों के लिए नई उम्मीद बन रहे हैं, जो दर्द-मुक्त, सक्रिय और बेहतर जीवन की ओर लौटना चाहते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 22 Jul 2026 20:46:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Patient-Centric, Knee, Replacement, Care, के, साथ, डॉ., मनु, शर्मा, ने, वडोदरा, में, हासिल, की, नई, उपलब्धि</media:keywords>
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<title>94 वर्षीय बुज़ुर्ग पर सफलतापूर्वक हर्निया की रोबोटिक सर्जरी की गई &#45; जाहिर है, अत्याधुनिक सर्जरी के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं</title>
<link>https://www.mbi24news.com/hindi/94-year-old-successfully-underwent-hernia-robotic-surgery-apparently-no-age-limit-for-cutting-edge-surgery</link>
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<description><![CDATA[  

नई दिल्ली,  जुलाई
2026 : सर्जरी की अत्याधुनिक तकनीक से गंभीर-से-गंभीर मरीजों और काफी उम्रदराज मरीज़ों की जिन्दगी बदल रही है। इसका एक सराहनीय उदाहरण है 94 वर्षीय बुज़ुर्ग की सफलतापूर्वक हर्निया की रोबोटिक सर्जरी किया जाना। मरीज को दोनों तरफ़ बड़ा इंग्वाइनल हर्निया था और दिल की बीमारियों सहित कई अन्य गंभीर समस्याएं थीं। उनकी सफल सर्जरी से यह साबित हो गया है कि कठिन सर्जरी के रास्ते उम्र कोई रुकावट नहीं रही।

यह सर्जरी डॉ. आशीष गौतम, प्रिंसिपल डायरेक्टर, रोबोटिक और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज, नई दिल्ली ने की। मरीज़ की ज्यादा उम्र और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को देखते हुए सर्जरी की बहुत विस्तृत प्लानिंग और बारीकी से सर्जरी करने की ज़रूरत थी। रोबोटिक तकनीक का लाभ उठाते हुए यह सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की गई। इसके कई लाभ हुए जैसे बहुत कम खून का नुकसान, ऑपरेशन के बाद बहुत कम तकलीफ और उम्मीद से तेज रिकवरी। 

सर्जरी के बाद मरीज़ श्री बृज मोहन आनंद जल्द ठीक हो गए। पहले फ़ॉलो-अप में क्लिनिकल सफलता और क्वालिटी ऑफ़ लाइफ़ दोनों में काफी सुधार दिखा। श्री बृज मोहन आनंद का केस हर्निया के जटिल मामलों में रोबोटिक सर्जरी की बढ़ती भूमिका का शानदार उदाहरण है। खास कर बुज़ुर्ग मरीज़ों में इसकी अहमियत बढ़ जाती है, क्योंकि उन्हें अधिक बारीक और न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी की ज़रूरत है।

आम सर्जरी की तुलना में हर्निया की रोबोटिक सर्जरी के कई फ़ायदे हैं जैसे सर्जरी का अधिक बारीकी से होना, इस दौरान बेहतर विज़ुअल मिलना, छोटे चीरे, कम दर्द, बाद में समस्याएं होने का कम खतरा और जल्द रिकवरी। ये लाभ खास कर बुज़ुर्ग और उन मरीज़ों के लिए अधिक अहमियत रखते हैं जिन्हें कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं और सर्जिकल ट्रॉमा कम से कम हो यह ज़रूरी है।

डॉ. आशीष गौतम, प्रिंसिपल डायरेक्टर,
रोबोटिक और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल,
पटपड़गंज, नई दिल्ली ने इस मरीज के बारे में कहा, ‘‘ सिर्फ इस आधार पर कि मरीज़ की उम्र अधिक हो गई है यह तय करना उचित नहीं कि उसकी सर्जरी करना सही होगा या नहीं। हम रोबोटिक टेक्नोलॉजी से बहुत कठिन मामलों में भी सफलतावूर्पक सर्जरी कर सकते हैं। बारीकी से मरीज की स्थिति देखने के साथ-साथ पूरी एक्सपर्टीज़ हो तो ऐसे मामलों में भी कामयाबी मिलती है। श्री बृज मोहन आनंद की बेहतरीन रिकवरी से यह जाहिर है कि रोबोटिक सर्जरी के बहुत अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। खासकर बुज़ुर्ग मरीज़ों के लिए इसका विशेष लाभ है, जिन्हें कम तकलीफ, कम से कम खून का नुकसान और जल्द रिकवरी चाहिए।’’

श्री बृज मोहन आनंद ने अपना अनुभव बताया, ‘‘मेरी उम्र में सर्जरी को लेकर मेरे परिवार का और खुद मुझे चिंतित होना स्वाभाविक था। लेकिन डॉ. आशीष गौतम और उनकी टीम ने हमारा हौसला बुलंद किया। सर्जरी में कोई रुकावट नहीं आई। मुझे बहुत कम दर्द हुआ और रिकवरी भी इतनी जल्द हुई, जो हम ने सोचा नहीं था। डॉ. गौतम और उनकी पूरी टीम के अथक प्रयास से मुझे एक बार फिर आराम की जिन्दगी मिली और मेरा आत्मविश्वास लौट आया। मैं आजीवन सभी का आभारी रहूंगा।’’  

रोबोटिक सर्जरी का चलन बढ़ने के साथ मिनिमली इनवेसिव सर्जरी का दायरा भी बढ़ रहा है। इस तरह के सफल मामले अधिक जोखिम भरे और कठिन सर्जरी को अंजाम देने में रोबोटिक सर्जरी की अहमियत बताते हैं। इसके तमाम लाभ दर्शाते हैं, जैसे अधिक बारीक सर्जरी, न्यूनतम ट्रॉमा और तेज़ी से रिकवरी। हर उम्र के मरीज़ों के लिए बेहतर परिणाम मिलने और जीवन की गुणवत्ता बेहतर होने का भरोसा बढ़ाते है। ऐसे में 90 वर्ष से अधिक उम्र में भी लोग सर्जरी से तकलीफ दूर करने की सोच सकते हैं।

 

  ]]></description>
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<pubDate>Tue, 30 Jun 2026 16:23:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
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<title>समग्र स्वास्थ्य और स्वास्थ्य देखभाल के लिए एक प्राचीन जड़ी&#45;बूटी &amp;apos;शतावरी&amp;apos;</title>
<link>https://www.mbi24news.com/hindi/asparagus-an-ancient-herb-for-holistic-health-and-health-care</link>
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<description><![CDATA[ सुनील कायस्थ, कमल कुमार गुप्ता और रोशनी राजमोहन द्वारा, देशबंधु महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालयनई दिल्ली, 23 जून : ऐसे समय में जब पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान स्वास्थ्य देखभाल को नया रूप दे रहे हैं, शतावरी एक प्राचीन जड़ी-बूटी वैश्विक हर्बल चिकित्सा में एक आधारशिला के रूप में उभर रही है। भारत में सदियों से पूजनीय यह औषधीय पौधा अपने बहुआयामी चिकित्सीय गुणों, आर्थिक मूल्य और समग्र स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों में भूमिका के कारण विश्व स्तर पर तेजी से मान्यता प्राप्त कर रहा है।शतावरी उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु में अच्छी तरह पनपती है। यह भारत, श्रीलंका, नेपाल और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में व्यापक रूप से पाई जाती है। भारत में, इसके खेती के प्रमुख क्षेत्र मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु हैं। यह पौधा शुष्क सहिष्णुता और विभिन्न पारिस्थितिक स्थितियों के प्रति अनुकूलन प्रदर्शित करता है। शतावरी, एस्पैरोगेशी कुल से संबंधित एक लता है, जिसकी विशेषता इसकी पतली, सुई जैसी शाखाएँ, छोटे सफेद सुगंधित फूल और कंदयुक्त जड़ें हैं। शतावरी की जड़ें रसीली, सफेद और गुच्छों में होती हैं और औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं।भारतीय ज्ञान प्रणाली में निहित वैदिक साहित्य और आयुर्वेद में शतावरी को एक विशेष स्थान दिया गया है। चरक संहिता और सुश्रुत संहिता जैसे आयुर्वेदिक ग्रंथों में, शतावरी को रसायन के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह एक दीर्घायु, रोग-प्रतिरोधक, स्फूर्तिदायक और कायाकल्प करने वाली जड़ी-बूटी है। इसका स्वाद मधुर (मीठा), तासीर शीत वीर्य (शीत) और पित्त तथा वात दोषों में लाभकारी है। शतावरी का उपयोग यूनानी और तिब्बती चिकित्सा सहित एशिया की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में किया जाता है। पारंपरिक औषधीय अभिलेखों से पता चलता है कि इसका उपयोग पाचन संबंधी विकारों, तंत्रिका संबंधी समस्याओं और प्रजनन संबंधी बीमारियों के उपचार में किया जाता रहा है।आधुनिक वैज्ञानिक शोध कार्य शतावरी की समग्र स्वास्थ्य में भूमिका प्रमाणित करते हैं। इसके जैवसक्रिय घटक, जैसे सैपोनिन, फ्लेवोनोइड और एल्कलॉइड, इसके विविध औषधीय गुणों में योगदान देते हैं। शतावरी को व्यापक रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए एक प्रमुख जड़ी-बूटी माना जाता है। यह अंडाशय के कार्य को बढ़ाती है, हार्मोनल संतुलन बनाए रखती है, दुग्ध स्राव को बढ़ावा देती है (गैलेक्टागॉग प्रभाव) और रजोनिवृत्ति के लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद करती है। यह बांझपन, मासिक धर्म की अनियमितता और पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) जैसी स्थितियों में अत्यधिक लाभकारी है। इसके अलावा, यह पुरुषों के प्रजनन स्वास्थ्य में शुक्राणुजनन में सुधार करती है, टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाती है, कामेच्छा बढ़ाती है और वृषण ऊतकों को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाती है।शतावरी में महत्वपूर्ण गैस्ट्रोप्रोटेक्टिव गुण होते हैं। यह गैस्ट्रिक अल्सर को कम करती है, श्लेष्मा सुरक्षा को बढ़ाती है और आंत के माइक्रोबायोटा को नियंत्रित करती है। इसके प्रतिरक्षा-नियंत्रण प्रभावों में मैक्रोफेज की सक्रियता, एंटीबॉडी उत्पादन में वृद्धि और सूजन का नियमन प्रमुख है। इन गुणों के कारण यह दीर्घकालिक सूजन और प्रतिरक्षा संबंधी स्थितियों के प्रबंधन में उपयोगी है।शतावरी अपने तंत्रिका-सुरक्षात्मक और तनावरोधी गुणों के लिए जानी जाती है और चिंता तथा अवसाद को कम करती है। यह तंत्रिका कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाती है, संज्ञानात्मक कार्य को बढ़ाती है और एक एडाप्टोजेन के रूप में कार्य करती है। यह हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-एड्रेनल (HPA) अक्ष को नियमित करके शरीर को शारीरिक और भावनात्मक तनाव को कम करने में मदद करती है।हाल के दशकों में, वैश्वीकरण ने शतावरी को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुँचाया है, जहाँ इसे आहार पूरकों, कार्यात्मक खाद्य पदार्थों और एकीकृत चिकित्सा प्रोटोकॉल में शामिल किया गया है। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, शतावरी की वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। बेहतर उपज और फाइटोकेमिकल गुणवत्ता के लिए, उदासीन पीएच और अच्छी जल निकासी वाली बलुई दोमट मिट्टी, गर्म उष्णकटिबंधीय से उपोष्णकटिबंधीय जलवायु परिस्थितियाँ, अच्छी गुणवत्ता वाले बीज या जड़ वांछनीय हैं। इसके अलावा, जड़ों के विस्तार के लिए पर्याप्त दूरी, जैविक उर्वरकों का उपयोग, ड्रिप सिंचाई और एकीकृत कीट प्रबंधन तथा 18-24 महीने बाद कटाई बेहतर उपज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शतावरी की पादप रासायनिक संरचना पर्यावरणीय कारकों और जड़ की कटाई के समय आयु से प्रभावित होती है। इन भिन्नताओं के कारण चिकित्सीय प्रभावकारिता बनाए रखने के लिए इनका मानकीकरण आवश्यक है।औद्योगिक उत्पादन में कृषि एवं संग्रहण पद्धतियाँ (GACP), विनिर्माण पद्धतियाँ (GMP) और शतावरी जैसे यौगिकों का मानकीकरण हर्बल उद्योग में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। शतावरी की अन्य प्रजातियों के साथ मिलावट को डीएनए बारकोडिंग, एचपीएलसी और स्पेक्ट्रोस्कोपी जैसी उन्नत तकनीकों द्वारा दूर किया जा सकता है। जैव प्रौद्योगिकी और आधुनिक अनुसंधान ने शतावरी की खेती और सुधार के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं। रोगमुक्त पौधों के तीव्र प्रसार के लिए ऊतक संवर्धन, बड़े पैमाने पर गुणन के लिए माइक्रोप्रोपोगेशन और जैव सक्रिय यौगिकों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए आनुवंशिक अभियांत्रिकी उपयोग में लाई जा सकती है।औषधीय विज्ञान में नवाचारों ने नए फॉर्मूलेशन जैसे नियंत्रित-मोचक, नैनोकण और नैनोइमल्शन, लिपोसोमल रूप विकसित किए हैं। ये शतावरी के सक्रिय यौगिकों की जैव उपलब्धता, स्थिरता और लक्षित वितरण में सुधार कर रहे हैं। इसी प्रकार, जीनोमिक्स, प्रोटीओमिक्स और मेटाबोलोमिक्स का एकीकरण शतावरी अनुसंधान में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। जैवसंश्लेषण चक्र की पहचान, सक्रिय पादप घटकों का मानचित्रण, औषधि-लक्ष्य अंतःक्रियाओं का पूर्वानुमान और बायोकम्प्यूटेशनल विधियाँ पादप स्रोतों से अधिक सटीक औषधि खोज को संभव बना रही हैं।शतावरी का भविष्य परंपरा और प्रौद्योगिकी के संगम पर निहित है। प्राकृतिक चिकित्सा की बढ़ती वैश्विक मांग के साथ, यह जड़ी-बूटी एकीकृत चिकित्सा, महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य, कार्यात्मक खाद्य पदार्थों और पोषक तत्वों तथा व्यक्तिगत हर्बल उपचारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की आशा है। इसके लिए अनुसंधान, नीतिगत समर्थन और सतत खेती में निवेश अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे।कृत्रिम बुद्धिमत्ता शतावरी अनुसंधान में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने के लिए आश्वस्त है। जैव सक्रियता का पूर्वानुमानित मॉडलिंग, खेती पद्धतियों का अनुकूलन, नए चिकित्सीय लक्ष्यों की पहचान, आपूर्ति श्रृंखला और गुणवत्ता नियंत्रण तथा विश्लेषण नवाचार को और गति प्रदान कर सकते हैं। इसकी अभूतपूर्व क्षमता के बावजूद, बड़े पैमाने पर नैदानिक परीक्षणों की कमी, पादप रासायनिक संरचना में भिन्नता, अपर्याप्त मानकीकरण प्रोटोकॉल, अत्यधिक दोहन और पारिस्थितिक मुद्दे शतावरी को व्यापक रूप से अपनाने में एक बड़ी चुनौती पेश करते हैं। चिकित्सा में मुख्यधारा की स्वीकृति के लिए इन कमियों को दूर करना आवश्यक है।शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के हितधारकों के सहयोग से, शतावरी में न केवल मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की क्षमता है, बल्कि आर्थिक विकास और पारिस्थितिक स्थिरता में योगदान देने की भी क्षमता है।हम राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने देशबंधु कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय को पौध वितरण और IEC जैसी गतिविधियों के माध्यम से “एस्पेरेगस रेसमोसस (शतावरी) की गुणों एवं संरक्षण के प्रचार” के लिए समर्थन और अनुदान प्रदान किया।अस्वीकरण: उपर्युक्त विचार लेखक के निजी हैं और आवश्यक नहीं कि वे प्रकाशन के विचारों या दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करते हों। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 23 Jun 2026 21:50:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>समग्र, स्वास्थ्य, और, स्वास्थ्य, देखभाल, के, लिए, एक, प्राचीन, जड़ी-बूटी, शतावरी</media:keywords>
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<title>प्रयाग हॉस्पिटल ने एक हाई&#45;रिस्क ट्रॉमा सर्जरी कर बुरी तरह सड़क दुर्घटना में जख्मी 74 वर्षीय मरीज़ की जान बचाई</title>
<link>https://www.mbi24news.com/hindi/prayag-hospital-undergoes-a-high-risk-trauma-surgery-to-save-the-life-of-a-74-year-old-patient-who-was-critically-injured-in-a-road-accident</link>
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<description><![CDATA[  

नई दिल्ली, 23/06/2026 : प्रयाग हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर प्राइवेट लिमिटेड के डॉक्टरों ने समय पर सर्जरी, अत्याधुनिक आईसीयू की सुविधा और संबंधित विभागों के काम में आपसी तालेमल से 74 वर्षीय मरीज़ की जान बचाई। यह पेट की बहुत गंभीर इमरजेंसी और जानलेवा मामला था जिसका  सफलतापूर्वक निदान किया गया। 

मरीज श्री राम शरण लाल को दिल की बीमारी, डायबिटीज़ और हाइपोथायरायडिज्म था। उन्हें 15 मई, 2026 को बहुत गंभीर हालत में आयुष्मान पैनल में प्रयाग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। पेट में तेज़ दर्द और सूजन, बार-बार उल्टी, बुखार की शिकायत थी और वह आघात में था। ये सभी लक्षण सिस्टैमिक इन्फेक्शन से जुड़ी पेट की गंभीर इमरजेंसी की ओर इशारा कर रहे थे।

मरीज़ को तुरंत इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में भर्ती किया गया। एक मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने तुरंत मरीज का रिससिटेशन और स्टेबिलाइज़ेशन शुरू किया। उम्र अधिक होने और कई अन्य बीमारियां होने की वजह से मरीज को बहुत अधिक रिस्क की कैटेगरी में रखा गया। डॉक्टरों ने अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए उनके दिल की स्थिति को सही किया और डायबिटीज पर नियंत्रण बनाया और सर्जरी से पहले उनकी हालत सुधारने के लिए खून चढ़ाया।

मरीज़ की जान बचाने के लिए 16 मई, 2026 को डॉ. वी. एस. सोलंकी ने इमरजेंसी सर्जरी की। इस दौरान डॉक्टरों को छोटी आंत में गैंग्रीन होने का पता चला जिसमें खून का जाना कम हो गया था और वह काम नहीं कर रही थी। जख्मी हिस्से को सफलतापूर्वक काट कर हटा दिया गया। इसके बाद स्वस्थ आंत के हिस्सों को फिर से जोड़ा गया। पेट की कैविटी से भारी मात्रा में पस और संक्रमित तरल निकाला गया। साथ ही हर्नियल डिफेक्ट का भी उपचार किया गया।

जटिल स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद मरीज ने इलाज का पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया और सर्जरी के बाद आईसीयू एवं वार्ड में उसकी पूरी देखभाल की गई। क्लिनिकली वह रिकवर करने लगा और उसकी स्थिति स्टैबल और संतोषजनक देख कर 19 मई, 2026 को  डिस्चार्ज
कर दिया गया।

समय पर इलाज, एक्सपर्ट सर्जन और समर्पित टीम की देखभाल में श्री राम शरण लाल को नया जीवन मिलने पर भावुक मरीज और उनके बेटे श्री राजन श्रीवास्तव ने डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और हॉस्पिटल मैनेजमेंट सभी का आभार व्यक्त किया।

डॉ. वी. एस. सोलंकी, सीनियर सर्जन, प्रयाग हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर प्राइवेट लिमिटेड ने बताया, “मरीज की हालत बहुत गंभीर थी। उसे कई बीमारियां थीं। वह पेट के गंभीर संक्रमण के साथ ‘शॉक’ में अस्पताल आया था। हम ने ऐन वक्त पर सर्जरी, क्रिटिकल केयर और टीम वर्क से बड़ी सफलता पाई। प्रयाग हॉस्पिटल अधिक रिस्क वाले इमरजेंसी मामलों में भी तत्परता से काम करने और बेहतरीन देखभाल करने में सक्षम है।”

प्रयाग हॉस्पिटल का परिचय

प्रयाग हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर प्राइवेट लिमिटेड ने बतौर प्रयाग ऑर्थाेपेडिक सेंटर 1995 में कार्यारंभ किया। डॉ. बी. पी. सिंह ने नोएडा सेक्टर 29 में एक विशेष क्लिनिक के रूप में इसकी शुरुआत की थी। अस्पताल का सिद्धांत है - “सेवा परमो धर्म” अर्थात् सेवा सबसे बड़ा धर्म है। यह सहानुभूति, नैतिकता और मरीजों को प्राथमिकता देता है। 

आज प्रयाग हॉस्पिटल 120 बेड का विशाल अस्पताल है। यह एनएबीएच और एनएबीएल से मान्यता प्राप्त है। अस्पताल में अत्याधुनिक उपचार की सभी बुनियादी सुविधाएं हैं और अनुभवी डॉक्टर, नर्स और अन्य प्रोफेशनल समर्पण भाव से काम करते हैं। यहां जनरल मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थाेपेडिक्स, इमरजेंसी केयर, मैटर्नल और चाइल्ड हेल्थ और स्पेशल ट्रीटमेंट आदि सभी सेवाएं उपलब्ध हैं।

प्रयाग अस्पताल ने गुजरते वर्षों के साथ अच्छी स्वास्थ्य सेवा, सेवा में नैतिकता, उपचार की सुलभता और मरीज़ों के लिए समर्पित सेवा से सब का भरोसा जीता है। यह कई सरकारी हेल्थकेयर स्कीम का हिस्सा है और इसके लिए योग्य परिवारों को सस्ता और सुलभ सेवा सुनिश्चित करने के लिए कई टीपीए पैनल से मान्यता प्राप्त है।

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<pubDate>Tue, 23 Jun 2026 14:33:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
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<title>भारत की अग्रणी CAR T&#45;सेल थेरेपी से ब्लड कैंसर मरीजों को दो साल तक राहत</title>
<link>https://www.mbi24news.com/hindi/india-s-pioneering-car-t-cell-therapy-relieves-blood-cancer-patients-for-two-years</link>
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<description><![CDATA[ बेंगलुरु (कर्नाटक) [भारत] : भारतीय ऑन्कोलॉजी देखभाल में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, की मेड-इन-इंडिया CAR T-सेल थेरेपी ने आक्रामक ब्लड कैंसर से पीड़ित मरीजों में देश की पहली ज्ञात दीर्घकालिक रोगमुक्ति हासिल की है। वर्ष 2022 में उपचार प्राप्त करने वाले सात मरीज अब दो वर्षों से अधिक प्रोग्रेशन-फ्री सर्वाइवल (PFS) पार कर चुके हैं, जो भारत में विकसित किसी भी CAR T-सेल थेरेपी के लिए पहली उपलब्धि है। यह सफलता Immuneel के दृष्टिकोण की स्थायित्व क्षमता और आक्रामक ब्लड कैंसर के मरीजों के उपचार परिणामों को बदलने की उसकी क्षमता को मजबूत करती है।यह CAR T-सेल थेरेपी, जिसे Varnimcabtagene autoleucel (IMN-003A) के नाम से जाना जाता है, Immuneel के IMAGINE फेज-2 क्लीनिकल ट्रायल के अंतर्गत विकसित की गई है। इसका उद्देश्य relapsed या refractory CD19-positive B-cell Non-Hodgkin Lymphoma (B-NHL) से पीड़ित वयस्क मरीजों का उपचार करना है, जो ब्लड कैंसर के सबसे आक्रामक प्रकारों में से एक माना जाता है और जिसमें कई मरीज पारंपरिक उपचारों का जवाब नहीं देते। भारत में अब तक CAR T-सेल थेरेपी जैसे अगली पीढ़ी के उपचार लागत और इंफ्रास्ट्रक्चर की सीमाओं के कारण सीमित थे।थेरेपी के उत्साहजनक परिणामों में Day 90 पर 83% Overall Response Rate (ORR) और Day 365 पर 50% ORR दर्ज किया गया, जबकि Complete Response Rate 83% रही। यह परिणाम भारतीय CAR T-सेल थेरेपी के क्लीनिकल मानकों में अब तक के सर्वोच्च परिणामों में शामिल हैं। अब तक भारत में 100 से अधिक मरीजों को यह थेरेपी दी जा चुकी है, जो जटिल सेल थेरेपी को लगातार सफल परिणामों और अनुकूल सुरक्षा प्रोफाइल के साथ बड़े स्तर पर उपलब्ध कराने में Immuneel की क्षमता को दर्शाता है। इस डेटा को वैश्विक मंचों पर 22 से अधिक प्रस्तुतियों और प्रकाशनों के साथ-साथ Blood-Immunology &amp; Cellular Therapy में प्रकाशित मूल शोध लेख का समर्थन प्राप्त है।Ms. Kiran Mazumdar-Shaw, बोर्ड डायरेक्टर एवं को-फाउंडर, Immuneel Therapeutics ने कहा,“Immuneel की स्थापना एक स्पष्ट उद्देश्य के साथ की गई थी — भारत के मरीजों के लिए उन्नत और जीवनरक्षक कैंसर उपचारों को सुलभ और किफायती बनाना। हमारी मेड-इन-इंडिया CAR T थेरेपी का 100 से अधिक मरीजों में दीर्घकालिक रोगमुक्ति प्रदान करना, और कई मरीजों का दो वर्षों से अधिक समय तक remission में बने रहना, हमारे इस मिशन की मजबूत पुष्टि है। ये उत्साहजनक दीर्घकालिक वास्तविक परिणाम दर्शाते हैं कि भारत में विकसित नवाचार वैश्विक मानकों पर खरे उतर सकते हैं और साथ ही स्थानीय स्वास्थ्य जरूरतों को बड़े स्तर पर पूरा कर सकते हैं। जैसे-जैसे क्लीनिकल प्रमाण और मजबूत होते जाएंगे, Immuneel अगली पीढ़ी की परिवर्तनकारी कैंसर थेरेपी में भारत की स्थिति को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।”Mr. Amit Mookim, बोर्ड डायरेक्टर एवं CEO, Immuneel Therapeutics ने कहा,“यह उपलब्धि केवल क्लीनिकल सफलता नहीं, बल्कि इस बात का रणनीतिक प्रमाण भी है कि भारत में विकसित विश्वस्तरीय विज्ञान भारत और दुनिया दोनों के लिए क्या संभव बना सकता है। कई मरीजों का दो वर्षों से अधिक प्रोग्रेशन-फ्री सर्वाइवल हासिल करना दर्शाता है कि भारत दीर्घकालिक और अगली पीढ़ी की थेरेपी देने में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। Immuneel में हमारा फोकस उपचार की पहुंच बढ़ाने, प्रभाव को गहरा करने और भारत सहित दुनिया भर के मरीजों और उनके परिवारों के लिए कैंसर उपचार को नए रूप में परिभाषित करने पर बना रहेगा।”वैश्विक स्तर पर CAR T थेरेपी को क्रांतिकारी माना जाता है, लेकिन इसकी लागत और जटिल प्रक्रिया इसे सीमित बनाती रही है। Immuneel का यह प्रयास भारतीय मरीजों, विशेषकर उन लोगों के लिए जिन्होंने अन्य सभी उपचार विकल्प आजमा लिए हैं, इन उन्नत उपचारों को सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।मुख्य क्लीनिकल उपलब्धियां:• भारत के सबसे लंबे समय तक जीवित CAR T थेरेपी सर्वाइवर: IMAGINE फेज-2 ट्रायल में शामिल सात मरीजों ने दो वर्षों से अधिक PFS हासिल किया, जो भारत में किसी भी CAR T थेरेपी के लिए पहली उपलब्धि है और दीर्घकालिक रोगमुक्ति तथा बेहतर जीवन प्रत्याशा की संभावना को दर्शाता है।• मजबूत और स्थायी प्रतिक्रिया दर: IMN-003A (क्लीनिकल ट्रायल) में Day 90 पर 83% ORR, Day 365 पर 50% ORR और 83% Complete Response Rate दर्ज की गई, जिसने relapsed/refractory CD19+ B-NHL के उपचार में नए मानक स्थापित किए।• 100 मरीजों की उपलब्धि: व्यावसायिक उपयोग के बाद यह थेरेपी भारत के प्रमुख अस्पतालों में 100 से अधिक मरीजों को सफलतापूर्वक दी जा चुकी है, जिसमें लगातार अच्छे क्लीनिकल परिणाम, अनुकूल सुरक्षा प्रोफाइल और राष्ट्रीय स्तर पर जटिल सेल थेरेपी उपलब्ध कराने की Immuneel की क्षमता प्रदर्शित हुई।• DBT-BIRAC ग्रांट का समर्थन: IMAGINE फेज-2 ट्रायल को जैव प्रौद्योगिकी विभाग की BIPP योजना के अंतर्गत BIRAC (Biotechnology Industry Research Assistance Council) का समर्थन प्राप्त था, जो इसकी वैज्ञानिक गुणवत्ता की राष्ट्रीय मान्यता को दर्शाता है।IMAGINE अध्ययन के बारे मेंIMAGINE फेज-2 ट्रायल वर्ष 2022 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य relapsed और refractory CD19-positive B-cell malignancies में Varnimcabtagene autoleucel (IMN-003A) की सुरक्षा और प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना था।ट्रायल विवरण:• Clinical Trial Registry Number: CTRI/2022/03/041162• Study Sites (Original Trial):o Narayana Health- Mazumdar Shaw Medical Center, Bangaloreo Apollo Cancer Center, Chennaio PGIMER, Chandigarh• Extended Trial Site:o CMC Velloreo Rajiv Gandhi Cancer Institute, New Delhiअध्ययन में थेरेपी की अनुकूल सुरक्षा प्रोफाइल की पुष्टि हुई, जिसमें गंभीर न्यूरोटॉक्सिसिटी नहीं देखी गई और मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार के साथ दीर्घकालिक प्रतिक्रिया दर्ज की गई।Immuneel Therapeutics के बारे मेंभारत में सेल एवं जीन थेरेपी और पर्सनलाइज्ड इम्यूनोथेरेपी के क्षेत्र में परिवर्तन लाने वाली एक अग्रणी स्टार्ट-अप कंपनी है। बेंगलुरु मुख्यालय वाली यह रिसर्च-आधारित, पूर्णतः एकीकृत सेल एवं जीन थेरेपी कंपनी भारत में किफायती दरों पर अत्याधुनिक कैंसर उपचार उपलब्ध कराने और अगली पीढ़ी की सेल थेरेपी का पोर्टफोलियो विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिक जानकारी के लिए Immuneel Therapeutics देखें।अस्वीकरण: यह प्रेस विज्ञप्ति केवल सामान्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से जारी की गई है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न माना जाए। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेने से पहले योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 23 May 2026 17:14:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>भारत, की, अग्रणी, CAR, T-सेल, थेरेपी, से, ब्लड, कैंसर, मरीजों, को, दो, साल, तक, राहत</media:keywords>
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<title>भारत के 82% हाइपरटेंशन रोगियों का मानना है कि उनका हाई बीपी तनाव की वजह से है, डाइट के कारण नहीं: नया अध्ययन</title>
<link>https://www.mbi24news.com/hindi/82-of-hypertension-patients-in-india-believe-their-high-bp-is-due-to-stress-not-diet-new-study</link>
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<description><![CDATA[ देश भर में किए गए एक अध्ययन में हाई ब्‍लड प्रेशर से पीडि़त भारतीयों पर किए गए सर्वे से पताRead Now ► ]]></description>
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<pubDate>Tue, 19 May 2026 11:15:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>NewsVoir</dc:creator>
<media:keywords>82% of hypertension patients in India, high BP is due to stress, New study</media:keywords>
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<title>डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में Dr. Cancer पहल का लोगो लॉन्च किया</title>
<link>https://www.mbi24news.com/hindi/deputy-chief-minister-brajesh-pathak-visited-dr-launched-the-cancer-initiative-logo</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ (उत्तर प्रदेश), फरवरी 13 : उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में ‘Dr. Cancer’पहल के आधिकारिक लोगो का लोकार्पण किया।इस अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, सामाजिक प्रतिनिधि और आयोजन से संबंधित टीम मौजूद रही।लोगो लॉन्च के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि कैंसर की समय पर पहचान (Early Detection), जन-जागरूकता और मरीजों को सहयोग स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं हैं।उन्होंने पहल से जुड़ी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से समुदाय स्तर पर जागरूकता और सपोर्ट सिस्टम मजबूत होता है।इस पहल के संबंध में‘Dr. Cancer’ और संवेदना होम्योपैथिक क्लिनिक के निदेशक डॉ. गौरीशंकर ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य कैंसर जागरूकता, स्क्रीनिंग/रिफरल मार्गदर्शन, तथा मरीजों की गुणवत्ता-जीवन (Quality of Life) बेहतर करने के लिए सपोर्टिव केयर से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाना है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मरीज के लिए उपचार निर्णय योग्य चिकित्सकों की सलाह और स्थापित मेडिकल प्रोटोकॉल केअनुसार ही होने चाहिए।कार्यक्रम में सीनियर फिजिशियन डॉ. अमित श्रीवास्तव और श्री राम मोहन अग्रवाल ने आगामी राज्य व्यापी जागरूकता और स्क्रीनिंग कैंप की रूपरेखा साझा की।टीम ने बताया कि कैंपेन के तहत जन-जागरूकता, परामर्श/मार्गदर्शन, और जरूरतमंद मरीजों को सहायता नेटवर्क से जोड़ने पर फोकस कियाजाएगा।अंत में उपमुख्यमंत्री को स्मृति-चिह्न भेंट किया गया और कैंसर जागरूकता से जुड़े विभिन्न सामाजिक व स्वास्थ्य पहलुओं पर चर्चा हुई। ]]></description>
<enclosure url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgVDIW2mx67-KFZOu0AJzT2AYW_RsIJ8SK01ut0KOfLLnntPhXFmDF4HTcRsPe6isud3UdyVu0cF77VMdrEYM0doTawtJMmlCT0tMFQVZOVAzsJlCy1hSaM7O1WiVRX9hWmZ-jYCghG6fCcIT4uanyXg4nAIpYatL9aLOfmJUU84YzqWEj6wWhHLsnI354=w1600" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 15:34:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>डिप्टी, सीएम, ब्रजेश, पाठक, ने, लखनऊ, में, Dr., Cancer, पहल, का, लोगो, लॉन्च, किया</media:keywords>
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<title>भारत का पहला पेट–यकृत–प्लीहा शुद्धि किट, आयुर्वेद गुरु आचार्य मनीष जी द्वारा लॉन्च</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ (उत्तर प्रदेश), अगस्त 23 : आयुर्वेद और रोकथाम स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम के तहत, प्रतिष्ठित आयुर्वेद सुधारक आचार्य मनीष जी ने … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 23 Aug 2025 22:12:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>भारत, का, पहला, पेट–यकृत–प्लीहा, शुद्धि, किट, आयुर्वेद, गुरु, आचार्य, मनीष, जी, द्वारा, लॉन्च</media:keywords>
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<title>मिलिंद सोमन संग सेंटर फॉर साइट ने आंखों के स्वास्थ्य पर जोर दिया</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली, 21 अगस्त : वर्ल्ड सीनियर सिटीजन डे के अवसर पर, भारत के अग्रणी सुपर-स्पेशियलिटी आई हॉस्पिटल नेटवर्क सेंटर फॉर साइट ने उम्र से … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 21 Aug 2025 17:50:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
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<title>वैरिकोज वेंस: एक मूक समस्या जो आपके जीवन को प्रभावित कर सकती है</title>
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<description><![CDATA[   नई दिल्ली, अगस्त 5 : वैस्कुलर सोसाइटी ऑफ इंडिया – वैस्कुलर रोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और भारत को अंगच्छेदन मुक्त बनाने के … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 05 Aug 2025 18:30:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>वैरिकोज, वेंस:, एक, मूक, समस्या, जो, आपके, जीवन, को, प्रभावित, कर, सकती, है</media:keywords>
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<title>डॉ. दिव्यांशु पटेल का मिशन: जन&#45;जागरूकता से रोगमुक्त भारत 2035</title>
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<description><![CDATA[ बाराबंकी, 05 जुलाई: भारत को रोगों से मुक्त करने और एक जागरूक, स्वच्छ व समृद्ध समाज की स्थापना की दिशा में कार्यरत ‘रोगमुक्त भारत मिशन 2035′ एक जनांदोलन का रूप लेता जा रहा है। इस मिशन के संस्थापक डॉ. दिव्यांशु पटेल का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य किसी भी प्रकार का वित्तीय लाभ […] ]]></description>
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<pubDate>Sat, 05 Jul 2025 14:48:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
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<title>मोटापा&#45;रोधी ओरल दवा कार्यक्रम में RenaissThera ने हासिल की शोध की अहम उपलब्धि</title>
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<description><![CDATA[ बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत बेंगलुरु स्थित बायोटेक्नोलॉजी कंपनी RenaissThera प्राइवेट लिमिटेड ने अपने मोटापा रोधी दवा कार्यक्रम के तहत ग्लूकोज़-डिपेंडेंट इंस्युलिनोट्रॉपिक पोलिपेप्टाइडRead Now ► ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Jun 2025 11:56:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>NewsVoir</dc:creator>
<media:keywords>मोटापा-रोधी, ओरल, दवा, कार्यक्रम, में, RenaissThera, ने, हासिल, की, शोध, की, अहम, उपलब्धि</media:keywords>
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<title>क्या है अस्थमा और महिलाओं के हार्मोनल हेल्थ के बीच संबंध?</title>
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<description><![CDATA[ लुधियाना (पंजाब), मई 13 : अस्थमा या दमा, दोनों ही शब्द फेफड़ो की बीमारी की ओर संकेत करते है। आज के दौर में यह एक आम समस्या होने के साथ साथ यह 262 मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित करती है। इस संख्या में महिलाओं की गिनती पुरुष से अधिक है और पीड़ित व्यक्ति को खांसी, […] ]]></description>
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<pubDate>Tue, 13 May 2025 17:36:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
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<title>डॉ. चिराग केवड़िया की SG IVF &amp;amp; Women’s Care की नई शाखा का सरथाना में उद्घाटन</title>
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<description><![CDATA[ केवड़िया ने 1000 से अधिक निःसंतान दम्पतियों के जीवन में खुशियाँ लाने में मदद की है। सूरत, , सितम्बर 14: एसजी आईवीएफ एंड वूमेन केयर (SG IVF &amp; Women’s Care)  ने 1 सितंबर 2024 को हिंदू रीति–रिवाजों के अनुसार बुजुर्गों के आशीर्वाद के साथ सरथाना नेचर पार्क के सामने अपने नए अस्पताल का भव्य उद्घाटन […] ]]></description>
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<pubDate>Sat, 14 Sep 2024 17:50:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
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<title>HealthFab ने मासिक धर्म स्वच्छता को द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों तक पहुंचाया</title>
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<description><![CDATA[   नई दिल्ली, अगस्त 29 : एक ऐसे देश में, जहाँ मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में चर्चा अभी भी संवेदनशील मानी जाती है, विशेष रूप से द्वितीय और तृतीय श्रेणी के कम विकसित शहरों में, HealthFab ने धीरे–धीरे एक आंदोलन की अगुवाई की है। 2020 में स्थापित, HealthFab ने जल्दी ही महिलाओं की स्वच्छता के क्षेत्र […] ]]></description>
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<pubDate>Thu, 29 Aug 2024 17:31:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>HealthFab, ने, मासिक, धर्म, स्वच्छता, को, द्वितीय, और, तृतीय, श्रेणी, के, शहरों, तक, पहुंचाया</media:keywords>
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<title>कोलगेट ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की शुरुआत की, 2026 तक 50 लाख बच्चों को ओरल हेल्थ शिक्षा के माध्यम से सकारात्मक रूप से प्रभावित करने का लक्ष्य</title>
<link>https://www.mbi24news.com/hindi/colgate-launches-landmark-partnership-with-government-of-uttar-pradesh-aims-to-positively-impact-5-million-children-through-oral-health-education-by-2026</link>
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<description><![CDATA[ अलीगढ़, उत्तर प्रदेश, भारत कोलगेट अगले कुछ वर्षों में राज्य भर में स्कूल जाने वाले 1.93 करोड़ बच्चों को मौखिक स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से सकारात्मक रूप से प्रभावित करने के लिए प्रतिबद्ध है।   संदीप सिंह जी, माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश पूरे राज्य में ओरल हेल्थ शिक्षा को स्कूल पाठ्यक्रम और […] ]]></description>
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<pubDate>Wed, 07 Aug 2024 16:33:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>NewsVoir</dc:creator>
<media:keywords>कोलगेट, ने, उत्तर, प्रदेश, सरकार, के, साथ, महत्वपूर्ण, साझेदारी, की, शुरुआत, की, 2026, तक, लाख, बच्चों, को, ओरल, हेल्थ, शिक्षा, के, माध्यम, से, सकारात्मक, रूप, से, प्रभावित, करने, का, लक्ष्य</media:keywords>
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<title>महिला स्वास्थ्य सुधार में नवीनता : भविष्य के लिए हेल्थफैब का उमदा विज़न</title>
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<description><![CDATA[ Bengaluru (Karnataka) [India] July 29 : वर्ष 2020 से लेकर अब तक “हेल्थफैब” ने महिलाओं को डिस्पोजेबल पीरियड उत्पादों से पुन: उपयोग करने योग्य पीरियड पैंटी पर स्विच करने के लिए प्रोत्साहित करके 300 टन से अधिक प्लास्टिक सैनिटरी कचरे को लैंडफिल में जाने से बचाया है   वर्ष 2020 में स्थापित अग्रणी भारतीय कंपनी […] ]]></description>
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<pubDate>Mon, 29 Jul 2024 18:41:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>महिला, स्वास्थ्य, सुधार, में, नवीनता, भविष्य, के, लिए, हेल्थफैब, का, उमदा, विज़न</media:keywords>
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<title>इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी से संभव है लीवर कैंसर का सरल व सहज इलाज: डॉ. निखिल बंसल </title>
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<description><![CDATA[ एब्लेशन में रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन (आरएफए) और माइक्रोवेव एब्लेशन (एमडब्ल्यू) जैसी तकनीक शामिल हैं। यह ट्रीटमेंट विशेषतौर पर उन मरीजों के लिए काम लिया जाता है जिनका ट्यूमर छोटा हो या जो सर्जरी नहीं करवा सकते है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 04 Jun 2024 15:13:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Dr. Nikhil Bansal, easy treatment of liver cancer, interventional radiology, cancer</media:keywords>
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<title>ली हेल्थ ने हृदय की प्रभावी देखभाल के लिए प्राकृतिक कैप्सूल बनाए</title>
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<description><![CDATA[ लाइफोस्टेरॉल सॉफ्ट जेल कैप्सूल अब अमेज़न और भारत भर की फार्मेसियों में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं हैदराबाद : भारत की लीडिंग न्यूट्रास्युटिकल कंपनी ली हेल्थ डोमेन ने बताया कि उसने हृदय की प्रभावी देखभाल के लिए एक प्राकृतिक पॉलीपिल पूरक, लिफोस्टेरॉल विकसित किया है। ली हेल्थ डोमेन के डायरेक्टर अल्ला लीला रानी ने कहा, हृदय […] ]]></description>
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<pubDate>Wed, 27 Mar 2024 12:29:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>ली, हेल्थ, ने, हृदय, की, प्रभावी, देखभाल, के, लिए, प्राकृतिक, कैप्सूल, बनाए</media:keywords>
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<title>इंदौर के युवा उद्यमी, डॉ. परख खिची: नए मल्टीविटामिन सिरप के साथ स्वास्थ्य में आधुनिक क्रांति</title>
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<description><![CDATA[ इंदौर के युवा उद्यमी, डॉ. परख खिची, ने सिर्फ 25 वर्ष की उम्र में वो कर दिखाया है जो कई लोग सपने में भी नहीं सोच सकते। 2022 में, उन्होंने अपनी फार्मास्यूटिकल कंपनी, डॉ. ऐस्क्लेपियस की नींव रखी, जिसका उद्देश्य है स्वास्थ्य को एक नई परिभाषा देना और उच्च गुणवत्ता की दवाओं को सभी वर्गों […] ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Feb 2024 16:30:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>इंदौर, के, युवा, उद्यमी, डॉ., परख, खिची:, नए, मल्टीविटामिन, सिरप, के, साथ, स्वास्थ्य, में, आधुनिक, क्रांति</media:keywords>
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<title>डॉक्टर 365 बॉलीवुड महा आरोग्य शिविर में फिल्मी हस्तियों का जमावड़ा</title>
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<description><![CDATA[ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर आरके एचआईवी एड्स रिसर्च एंड केयर सेंटर के अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र कुमार और क्रिएटिव आई लिमिटेड के निर्माता निर्देशक और अभिनेता धीरज कुमार ने फ़िल्म, टीवी और मीडिया के लिए डॉक्टर 365 बॉलीवुड महा आरोग्य शिविर का आयोजन किया। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 31 Jan 2024 16:15:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Doctor 365, Bollywood Maha Arogya Shivir, Chairman Dr. Dharmendra Kumar</media:keywords>
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<title>11 लाख से अधिक रोगियों के लिए आरके एचआईवी एड्स रिसर्च एंड केयर सेंटर ने महा आरोग्य शिविर का किया आयोजन</title>
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<description><![CDATA[  ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Jul 2023 14:36:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
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<title>एल्‍कॉन आइ ऑन कैटरेक्‍ट ग्‍लोबल सर्वे में भारत के 86% लोगों ने कहा दृष्टि है बढ़ती उम्र का सबसे महत्‍वपूर्ण पहलू</title>
<link>https://www.mbi24news.com/hindi/alcon-eye-on-cataract-global-survey-86-of-indians-say-vision-is-the-most-important-aspect-of-aging</link>
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<description><![CDATA[  ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Jul 2023 13:48:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
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<title>सूरत में आरके एचआईवी एड्स रिसर्च एंड केयर सेंटर द्वारा आयोजित टीबी मुक्त आरोग्य शिविर में हजारों लोगों ने उठाया लाभ</title>
<link>https://www.mbi24news.com/hindi/thousands-of-people-benefited-from-tb-free-health-camp-organized-by-rk-hiv-aids-research-and-care-center-in-surat</link>
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<description><![CDATA[  ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Jun 2023 13:35:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
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<title>राजस्थान औषधालय का फेब्रिफिट कैप्सूल बुखार, खांसी एवं सर्दी से दिलाएं छुटकारा</title>
<link>https://www.mbi24news.com/hindi/get-rid-of-fever-cough-and-cold-with-febrifit-capsule-of-rajasthan-dispensary</link>
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<description><![CDATA[ आयुर्वेदिक शूंठी, तुलसी, अडूलसा से बना फेब्रिफिट कैप्सूल मुम्बई। आयुर्वेद, 5 हजार साल पुरानी पद्धति है, जिसमें हर रोग को जड़ से खत्म करने की शक्ति हैं, अक्सर सर्दियों में देखा जाता हैं, कि बुखार, सिर और शरीर में दर्द, खांसी, और भरी हुई या बहती नाक जैसी बिमारियों से सामान्यत काफी लोगों को परेशानियों […] ]]></description>
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<pubDate>Thu, 05 Jan 2023 13:00:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>राजस्थान, औषधालय, का, फेब्रिफिट, कैप्सूल, बुखार, खांसी, एवं, सर्दी, से, दिलाएं, छुटकारा</media:keywords>
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<title>यह है अब तक की सबसे शक्तिशाली इम्युनिटी बूस्टर (Immunity Booster) टेबलेट</title>
<link>https://www.mbi24news.com/hindi/this-is-the-most-powerful-immunity-booster-tablet-ever</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली. Immunity Booster Tablet: मार्केट में न जाने कितने multivitamin tablets मौजूद हैं. मगर अब इन सबसे बेहतर, आपकी सेहत के लिए Sensoriom कंपनी ने बनाया है Metabolik tablet . यह immunity booster tablet न सिर्फ essential vitamins और minerals से भरपूर है, बल्किआपके सम्पूर्ण मेटाबोलिज्म को कन्ट्रोल करने में भी मदद करती है. […] ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Dec 2022 21:33:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>यह, है, अब, तक, की, सबसे, शक्तिशाली, इम्युनिटी, बूस्टर, Immunity, Booster, टेबलेट</media:keywords>
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<title>राजस्थान औषधालय का केल डी3 प्लस कैप्सूल रखे मनुष्य के कैल्शियम का ख्याल</title>
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<description><![CDATA[ आयुर्वेदिक अश्वगंधा, शंख भस्म सहित अनेक जड़ी बूटियों से बनी ये दवा  अक्सर देखा जाता हैं, कि शरीर में कैल्शियम की कमी होने के कारण एक सामान्य व्यक्ति कई बीमारियों का शिकार हो रहा हैं, वर्तमान समय में हमारे दैनिक जीवन में जंक फुड के साथ-साथ अन्य प्रकार के ऐसे पदार्थ का सेवन किया जा […] ]]></description>
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<pubDate>Sun, 18 Dec 2022 00:50:12 +0530</pubDate>
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<title>आयुर्वेदिक दवा का सेवन करके शराबी को बिना बताये छुड़ा सकते हैं शराब की लत</title>
<link>https://www.mbi24news.com/hindi/alcohol-addiction-can-be-weaned-without-informing-the-alcoholic-by-taking-ayurvedic-medicine</link>
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<description><![CDATA[  ]]></description>
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<pubDate>Wed, 07 Sep 2022 17:38:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
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